शांत रस के स्थायी भाव 'निर्वेद' का आशय क्या है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → संसार के प्रति वैराग्य
निर्वेद का अर्थ है संसार के प्रति वैराग्य या विरक्ति; इसी से शांत रस की निष्पत्ति होती है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: किसी प्रिय के प्रति प्रेम — रति (शृंगार रस)।
विकल्प 2: अपमान से उपजा क्रोध — क्रोध (रौद्र रस)।
विकल्प 4: अनिष्ट की आशंका से डर — भय (भयानक रस)।