निम्नलिखित पद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए:
भारत माता ग्रामवासिनी।
खेतों में फैला है श्यामल,
धूल-भरा मैला-सा आँचल।
गंगा-यमुना में आंसू जल,
मिट्टी की प्रतिमा उदासिनी।
दैन्य-जड़ित अपलक नत-चितवन,
अधरों में चिर-नीरव रोदन।
युग-युग के तम से विषाक्त मन,
वह अपने घर में प्रवासिनी।
तीस कोटि संतान नग्न-तन,
अर्ध-क्षुधित, शोषित, निरवस्त्र जन।
मूढ़, असभ्य, अशिक्षित, निर्धन,
नत-मस्तक तरु-तलनिवासिनी।
स्वर्ण-शस्य पद-पद-तल-लुंठित,
धरती-सा सहिष्णुमन कुंठित।
क्रंदन-कंपित अधर मौन-स्मित,
राहु-ग्रसित शरदेंदु-हासनी।
'धरती-सा सहिष्णु मन कुंठित' पद में कौन सा अलंकार है -
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → उपमा
'धरती-सा सहिष्णु मन' में मन की तुलना धरती से 'सा' वाचक शब्द द्वारा की गई है (समान गुण: सहनशीलता), इसलिए यह उपमा अलंकार है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 2: रूपक — इसमें उपमेय पर उपमान का अभेद आरोप होता है और वाचक शब्द नहीं आता।
विकल्प 3: श्लेष — इसमें एक शब्द के अनेक अर्थ होते हैं; यहाँ ऐसा नहीं।
विकल्प 4: यमक — इसमें एक शब्द दोहराया जाकर अलग अर्थ देता है; यहाँ ऐसा नहीं।