निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए :
भारतीय हिन्दू समाज में जितने पर्व और उत्सव मनाए जाते हैं, उनमें नवरात्र का विशिष्ट स्थान है। नवरात्र शक्ति की उपासना का पर्व है। शक्ति ही विश्व का सृजन करती है, शक्ति ही उसका संचालन करती है, शक्ति ही उसका संहार करती है। नवरात्रि त्योहार के आखिरी दिन विजयादशमी या दशहरे का उत्सव मनाया जाता है। रामायण के अनुसार इस दिन भगवान श्रीराम ने रावण का वध किया था। गुजरात के वड़ोदरा में नवरात्रि उत्सव का सबसे भव्य और सुंदर रूप देखने को मिलता है। इसमें त्योहार के दौरान प्रतिदिन 4-5 लाख लोग गरबा खेलने/नृत्य के लिए एक ही स्थान पर इकट्ठा होते हैं। गरबा सिर्फ नृत्य के रूप में ही नहीं, इस दिन प्रतियोगिता के रूप में भी किया जाता है। उसी प्रकार भारत के पूर्वी राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल में जगह-जगह दुर्गा माँ के पंडाल बनाए जाते हैं, जहाँ भक्त दर्शन के लिए पहुँचते हैं, वहाँ पर माता दुर्गा की पूजा करते हैं और उनसे सुख-शांति की कामना करते हैं। कई जगहों पर पारम्परिक नृत्य और गीत के कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं, जहाँ हजारों की तादाद में लोग पहुँचते हैं। दसवें दिन पश्चिम बंगाल के लोग माँ दुर्गा की मिट्टी की मूर्तियों को पानी में विसर्जित कर देते हैं। भारत के पश्चिमी राज्यों में नवरात्रि का एक अलग ही रंग दिखता है, जहाँ शाम के समय लोग डांडिया खेलते हैं। अगर हम आसान शब्दों में नवरात्रि के महान पर्व का उल्लेख करें तो यह एक ऐसा मुख्य त्योहार है, जो भारत के हर कोने में मनाया जाता है।
गद्यांश के अनुसार नवरात्र किसका पर्व है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → शक्ति की उपासना का पर्व
गद्यांश कहता है: “नवरात्र शक्ति की उपासना का पर्व है।”
अन्य विकल्प — (1), (3) और (4) — को गद्यांश नवरात्र का स्वरूप नहीं बताता; पंडाल पूजा के लिए बनाए जाते हैं।