'की तुम्ह तीनि देव महँ कोऊ। नर नारायन की तुम्ह दोऊ॥'
उपर्युक्त पंक्तियों में कौन-सा अलंकार है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → संदेह
हनुमान निश्चय नहीं कर पा रहे कि श्रीराम तीन देवों में से कोई हैं या नर-नारायण; जहाँ अनिश्चय बना रहे, वहाँ संदेह अलंकार होता है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 2: भ्रांतिमान — इसमें भ्रम से एक वस्तु को निश्चित रूप से दूसरी समझ लिया जाता है।
विकल्प 3: अन्योक्ति — इसमें किसी और के बहाने बात कही जाती है।
विकल्प 4: विभावना — इसमें कारण के बिना कार्य होना दिखाया जाता है।