‘उत्प्रेक्षा’ अलंकार का उदाहरण छाँटिए –
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → मानो माई घनघन अन्तर दामिनी।
वाचक शब्द 'मानो' से संभावना प्रकट की गई है, इसलिए यह उत्प्रेक्षा अलंकार है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: अलिकली ही सों बंध्यो... — अन्योक्ति; भौंरे के बहाने राजा को संकेत।
विकल्प 2: वा खाए बौराय जग... — 'कनक कनक ते सौ गुनी' वाले दोहे की पंक्ति; इसमें यमक है (कनक = सोना, धतूरा)।
विकल्प 4: नभ पर चमचम चपला चमकी। — अनुप्रास; 'च' वर्ण की आवृत्ति।