विभस्त रस का स्थायी भाव क्या होता है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
विभस्त रस का स्थायी भाव जुगुप्सा होता है। जुगुप्सा का अर्थ है घृणा, विकर्षण, अरुचि। यह एक नकारात्मक भाव है जो किसी घृणित या अप्रिय वस्तु या स्थिति को देखकर उत्पन्न होता है।
विभस्त रस का उदाहरण है:
- किसी मृत पशु को देखकर घृणा का अनुभव करना।
- किसी अस्वच्छ स्थान को देखकर विकर्षण का अनुभव करना।