निम्नलिखित में से किन पंक्तियों में यमक अलंकार है?
(A). पंछी के पर कटे, पर उड़ने की चाह न मिटी।
(B). सागर-सी गहराई उसके मन में है।
(C). चिंता-नदी में बहता मन कोई तट नहीं पाता।
(D). उत्तर दिशा से चिट्ठी आई, उसका उत्तर अब तक न गया।
(E). नीले अंबर के नीचे बैठी वह ओढ़े पीला अंबर।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनें :
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → केवल (A), (D) और (E)
जहाँ एक ही शब्द एक से अधिक बार आए और हर बार उसका अर्थ भिन्न हो, वहाँ यमक अलंकार होता है।
(A) पंछी के पर कटे, पर उड़ने की चाह न मिटी। — यमक; 'पर' दो अर्थों में: पंख और लेकिन।
(B) सागर-सी गहराई उसके मन में है। — यमक नहीं; गहराई की तुलना सागर से; यह उपमा है।
(C) चिंता-नदी में बहता मन कोई तट नहीं पाता। — यमक नहीं; चिंता पर नदी का अभेद आरोप; यह रूपक है।
(D) उत्तर दिशा से चिट्ठी आई, उसका उत्तर अब तक न गया। — यमक; 'उत्तर' दो अर्थों में: एक दिशा और जवाब।
(E) नीले अंबर के नीचे बैठी वह ओढ़े पीला अंबर। — यमक; 'अंबर' दो अर्थों में: आकाश और वस्त्र।