इन पंक्तियों में कौन-सा रस है?
"दिन-दोपहर में आकाश पर सात इंद्रधनुष एक साथ खिल उठे,
सूरज के रहते ही तारे झिलमिलाने लगे;
सब लोग ठगे-से खड़े रहे और बोले — 'ऐसा तो कभी न देखा!'"
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → अद्भुत रस
असंभव-सा दृश्य देखकर लोगों का ठगे-से रह जाना विस्मय प्रकट करता है; स्थायी भाव विस्मय है, इसलिए अद्भुत रस है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 2: शृंगार रस — स्थायी भाव रति; यहाँ नायक-नायिका के प्रेम का वर्णन नहीं है।
विकल्प 3: करुण रस — स्थायी भाव शोक; यहाँ किसी प्रिय के बिछुड़ने या नाश का शोक नहीं है।
विकल्प 4: वीर रस — स्थायी भाव उत्साह; यहाँ युद्ध या कर्तव्य का उत्साह नहीं है।