सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए :
| सूची-I (रस) | सूची-II (उदाहरण) |
|---|---|
| (A). शृंगार | (I). जब से परदेस गए पिया, नींद न आए रात। / तारे गिनती विरहिणी, करे न कोई बात॥ |
| (B). भयानक | (II). पगड़ी पहने बंदर ने, ठुमका दिया लगाय। / देख तमाशा बाल सब, हँस-हँस लोटे जाय॥ |
| (C). रौद्र | (III). सूने खँडहर से उठी, आधी रात को चीख। / थर-थर काँपा राहगीर, भागा पीछे देख॥ |
| (D). हास्य | (IV). भरी सभा में देखकर, भाई का अपमान। / भौंहें तनीं, अधर फड़के, उमड़ा क्रोध-तूफ़ान॥ |
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर चुनिए :
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → (A) - (I), (B) - (III), (C) - (IV), (D) - (II)
| सूची-I (रस) | सूची-II | व्याख्या |
|---|---|---|
| (A) शृंगार | (I) जब से परदेस गए पिया, नींद न आए रात। / तारे गिनती विरहिणी, करे न कोई बात॥ | परदेस गए प्रिय की याद में जागना; वियोग शृंगार, स्थायी भाव रति। |
| (B) भयानक | (III) सूने खँडहर से उठी, आधी रात को चीख। / थर-थर काँपा राहगीर, भागा पीछे देख॥ | चीख सुनकर काँपना और भागना; स्थायी भाव भय। |
| (C) रौद्र | (IV) भरी सभा में देखकर, भाई का अपमान। / भौंहें तनीं, अधर फड़के, उमड़ा क्रोध-तूफ़ान॥ | अपमान से भौंहें तनना, अधर फड़कना; स्थायी भाव क्रोध। |
| (D) हास्य | (II) पगड़ी पहने बंदर ने, ठुमका दिया लगाय। / देख तमाशा बाल सब, हँस-हँस लोटे जाय॥ | बंदर का पगड़ी पहनकर नाचना; स्थायी भाव हास। |