निम्नलिखित पद्यांश को पढ़कर उससे संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए:-
ऐसे क्षण अन्धकार घन में जैसे विद्युत
जागी पृथ्वी-तनया-कुमारिका-छबि अच्युत
देखते हुए निष्पलक, याद आया उपवन
विदेह का, - प्रथम स्नेह का लतान्तराल मिलन
नयनों का - नयनों से गोपन- प्रिय सम्भाषण, -
पलकों का नव पलकों पर प्रथमोत्थान-पतन, -
काँपते हुए किसलय, झरते पराग-सुमदय, -
गाते खग-नव-जीवन-परिचय-तरु-मलय-वलय,-
ज्योति: प्रपात स्वर्गीय, -ज्ञात छबि प्रथम स्वीय,-
जानकी-नयन-कमनीय प्रथम कम्पन तुरीय।
उपर्युक्त पद्यांश में 'पृथ्वी-तनया कुमारिका' किसके लिए प्रयोग किया गया है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → सीता
“जागी पृथ्वी-तनया-कुमारिका-छबि अच्युत” — पृथ्वी-तनया (पृथ्वी की पुत्री) सीता हैं; आगे 'जानकी-नयन-कमनीय' से भी यही स्पष्ट है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: राम — राम वे हैं जिन्हें सीता की छवि याद आ रही है।
विकल्प 3: पृथ्वी — पृथ्वी माता है; 'तनया' का अर्थ पुत्री है।
विकल्प 4: आकाश — पद्यांश में आकाश का कोई संदर्भ नहीं है।