गद्यांश को पढ़कर निम्नलिखित प्रश्नों के उत्तर दीजिए।
इस सम्बन्ध में एक और बात उल्लेखनीय है। यथेष्ट सामग्री के अभाव अथवा सम्पर्कित भाषाओं के लुप्त हो जाने के कारण, आज, कई प्राचीन तथा अर्वाचीन भाषाओं का वर्गीकरण नितान्त कठिन है। इन भाषाओं में मेसोपोटेमिया की प्राचीनतम भाषा सुमेरीय (Sumerian), पश्चिम ईरान के सूसा प्रान्त की भाषा एलामीय (Elamite), पूर्वी मेसोपोटेमिया की भाषा मितन्नी (Mitanni), क्रीट-द्वीप की प्राचीन-भाषा एवं इटली की प्राचीन-भाषा एत्रस्कन आदि मुख्य हैं। इसी प्रकार आधुनिक भाषाओं में फ्रांस तथा स्पेन के मध्य, पिरेनिज पर्वतमाला के पश्चिम में बोली जाने वाली बास्क (Basque), दक्षिणी-पश्चिमी अफ्रीका की बुशमन (Bushman) एवं हॉटन्टॉट (Hottentot) भाषाएँ तथा जापान, कोरिया और आस्ट्रेलिया की प्राचीन भाषाओं का अब तक वर्गीकरण नहीं हो पाया है।
नीचे दो कथन दिए गए हैं: एक अभिकथन (Assertion A) के रूप में लिखित है तो दूसरा उसके कारण (Reason R) के रूप में:
अभिकथन A: आज कई प्राचीन तथा अर्वाचीन भाषाओं का वर्गीकरण नितान्त कठिन है।
कारण R: इन भाषाओं के विषय में यथेष्ट सामग्री का अभाव है अथवा इनसे सम्पर्कित भाषाएँ लुप्त हो गई हैं।
उपर्युक्त कथन के आलोक में, नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → A और R दोनों सत्य हैं और R, A की सही व्याख्या है
गद्यांश कहता है: “यथेष्ट सामग्री के अभाव अथवा सम्पर्कित भाषाओं के लुप्त हो जाने के कारण, आज, कई प्राचीन तथा अर्वाचीन भाषाओं का वर्गीकरण नितान्त कठिन है।”
अभिकथन A — सत्य; गद्यांश के अनुसार कई प्राचीन तथा अर्वाचीन भाषाओं का वर्गीकरण कठिन है।
कारण R — सत्य; गद्यांश में सामग्री का अभाव और संपर्कित भाषाओं का लुप्त होना, दोनों बताए गए हैं।
R, A की सही व्याख्या — है; गद्यांश इन्हीं दोनों कारणों से वर्गीकरण को कठिन बताता है।