इन पंक्तियों में कौन-सा रस है?
"यह संसार एक सराय है, कुछ दिन ठहरकर सबको जाना है,
जिसे अपना कहा, वह भी पल में पराया हुआ;
अब मन में कोई चाह नहीं, वह निर्मल जल-सा स्थिर है।"
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → शांत रस
संसार को सराय मानकर सब इच्छाओं से मुक्त होने और मन के स्थिर होने का भाव है; स्थायी भाव निर्वेद है, इसलिए शांत रस है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: हास्य रस — स्थायी भाव हास; यहाँ हँसी का वर्णन नहीं है।
विकल्प 3: वीर रस — स्थायी भाव उत्साह; यहाँ युद्ध या कर्तव्य का उत्साह नहीं है।
विकल्प 4: रौद्र रस — स्थायी भाव क्रोध; यहाँ क्रोध का वर्णन नहीं है।