Target Exam

CUET

Subject

Hindi

Chapter

Comprehension - (Narrative / Factual)

Question:

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यान पूर्वक पढ़ते हुए प्रश्नों के उत्तर दीजिए:

जब मैं लखनऊ पहुंचा तो शाम हो गयी थी। कुछ देर तक मैं प्लेटफार्म पर दूर खड़ा अँधेरा हो जाने का इंतजार करता रहा। तब तक अपनी किस्मत के नाटक का सबसे भीषण कांड देखने चला। बारात द्वार पर आ गयी थी। गैस की रोशनी हो रही थी। बाराती लोग जमा थे। हमारे मकान की छत तारा की छत से मिली हुई थी। रास्ता मरदाने कमरे की बगल से था। चचा साहब शायद कहीं सैर करने गए हुए थे। नौकर चाकर सब बारात की बहार देख रहे थे। मैं चुपके से जीने पर चढ़ा और छत पर जा पहुँचा। वहां उस वक्त बिलकुल सन्नाटा था। उसे देखकर मेरा दिल भर आया। हाय! यही वह स्थान है, जहाँ हमने प्रेम के आनन्द उठाए थे। यहीं मैं तारा के साथ बैठकर जिंदगी के मनसूबे बांधता था! यही स्थान मेरी आशाओं का स्वर्ग और मेरे जीवन का तीर्थ था। इस जमीन का एक-एक अणु मेरे लिए मधुर स्मृतियों से पवित्र था। पर हाय! मेरे हृदय की भांति आज वह भी उजाड़, सुनसान, अँधेरा था। मैं उसी जमीन से लिपटकर खूब रोया, यहाँ तक कि हिचकियां बंध गईं। काश! उस वक्त तारा वहां आ जाती तो मैं उसके चरणों पर सिर रखकर हमेशा के लिए सो जाता। मुझे ऐसा भासित होता था कि तारा की पवित्र आत्मा मेरी दशा पर रो रही है। आज भी तारा यहाँ जरूर आई होगी। शायद इसी जमीन पर लिपटकर वह भी रोई होगी। उस भूमि से उसके सुगन्धित केशों की महक आ रही थी। मैंने जेब से रुमाल निकाला और वहां की धूल जमा करने लगा। एक क्षण में मैंने सारी छत साफ कर डाली और अपनी अभिलाषाओं की इस राख को हाथ में लिए घंटों रोया। यही मेरे प्रेम का पुरस्कार है, यही मेरी उपासना का वरदान है, यही मेरे जीवन की विभूति है। हाय री दुराशा!

उपर्युक्त गद्यांश में "अणु" शब्द का अर्थ है-

Options:

कण

टुकड़ा

हिस्सा

अंग

Correct Answer:

कण

Explanation:

सही उत्तर विकल्प (1) है → कण