किलक अरे मैं नेह निहारूँ |
इन दाँतों पर मोती वाँरू ||
इन पंक्तियों में कौन सा रस है?
Answer & explanation
Correct answer: option 4
इन पंक्तियों में एक मां अपने बच्चे के नए दांतों को देखकर खुशी और प्रेम का भाव व्यक्त कर रही है। यह भाव वात्सल्य रस कहलाता है।
वात्सल्य रस का स्थाई भाव वात्सल्य या मातृत्व प्रेम होता है। इसमें मां अपने बच्चे के प्रति प्रेम, स्नेह, और आत्मीयता का भाव व्यक्त करती है।
इन पंक्तियों में मां अपने बच्चे के दांतों को देखकर उन्हें मोती के समान सुंदर मानती है। वह अपने बच्चे के दांतों को देखकर खुशी से भर जाती है और उन्हें चूमने का मन करती है। यह भाव वात्सल्य रस का प्रतीक है।
अन्य विकल्प गलत हैं।
- वीर रस: वीर रस में वीरता, साहस, और शौर्य का भाव होता है। इन पंक्तियों में इन भावों का कोई उल्लेख नहीं है।
- शांत रस: शांत रस में शांति, विराग, और वैराग्य का भाव होता है। इन पंक्तियों में इन भावों का कोई उल्लेख नहीं है।
- हास्य रस: हास्य रस में हँसी, मजा, और आनंद का भाव होता है। इन पंक्तियों में इन भावों का कोई उल्लेख नहीं है।