निम्न में से कौन-से रूपक अलंकार के उदाहरण नहीं हैं?
A. सत की नाव खेवरिया सतगुरु,
भाव-सागर तरि आयो ।
B. मैया मैं तो चन्द्र खिलौना लै हौं।
C. देख लो साकेत नगरी है यही
स्वर्ग से मिलने गगन में जा रही।
D. चरण-कमल बंदौ हरिराई।
E. मुख चन्द्रमा के समान है।
नीचे दिए गए विकल्पों में से सही उत्तर का चयन कीजिए:
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → केवल C, E
(A) सत की नाव खेवरिया सतगुरु… — रूपक है; 'सत' पर 'नाव' का आरोप है।
(B) मैया मैं तो चन्द्र खिलौना लै हौं। — रूपक है; 'चंद्र' पर 'खिलौने' का आरोप है।
(C) देख लो साकेत नगरी है यही… — रूपक नहीं; नगरी की ऊँचाई का बढ़ा-चढ़ाकर वर्णन है (अतिशयोक्ति)।
(D) चरण-कमल बंदौ हरिराई। — रूपक है; 'चरण' पर 'कमल' का आरोप है।
(E) मुख चन्द्रमा के समान है। — रूपक नहीं; वाचक शब्द 'के समान' है, इसलिए उपमा है।