'मूल विशेषण' किसे कहा जाता है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
अविकारी विशेषण: जिन शब्दों का रूप लिंग, वचन, पुरूष और कारक के अनुसार नहीं बदलता है, उन्हें अविकारी शब्द कहते हैं। इन्हें अव्यय भी कहा जाता है।
उत्तर: अविकारी विशेषण
मूल विशेषण वह विशेषण है, जिसे किसी उपसर्ग या प्रत्यय का प्रयोग करके नहीं बनाया जाता है। यह अपने मूल रूप में ही विशेषण का काम करता है।
विकारी विशेषण वह विशेषण है, जिसे किसी उपसर्ग या प्रत्यय का प्रयोग करके बनाया जाता है। यह अपने मूल रूप में विशेषण का काम नहीं करता है।
विशेष्य वह शब्द है, जिसकी विशेषता बताई जाती है।
विधेय विशेषण वह विशेषण है, जो क्रिया की विशेषता बताता है।
इस प्रकार, मूल विशेषण वह विशेषण है, जिसे किसी उपसर्ग या प्रत्यय का प्रयोग करके नहीं बनाया जाता है। अतः, सही उत्तर अविकारी विशेषण है।
उदाहरण:
- मूल विशेषण: अच्छा, बुरा, तेज, धीमा, सुंदर, सुशील, बुद्धिमान, आदि।
- विकारी विशेषण: बड़प्पन, बुढ़ापा, नयापन, आदि।
- विशेष्य: लड़का, लड़की, घर, पेड़, फूल, आदि।
- विधेय विशेषण: तेज दौड़ता है, अच्छा गाता है, बुरा बोलता है, आदि।