प्रस्तुत पद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिए -
चाह नहीं मैं सुरबाला के, गहनों में गूँथा जाऊँ
चाह नहीं, प्रेमी माला में, बिंध प्यारी को ललचाऊँ
चाह नहीं, सम्राटों के शव पर, हे हरि, डाला जाऊँ
चाह नहीं देवों के सिर पर, चढ़ूँ, भाग्य पर इठलाऊँ
मुझे तोड़ लेना बनमाली, उस पथ पर देना तुम फेंक
मातृभूमि पर शीश चढ़ाने, जिस पर जावें वीर अनेक।
पद्यांश में आये हुए 'पथ' शब्द का क्या अर्थ है -
Answer & explanation
Correct answer: option 1
सही उत्तर विकल्प (1) है → मार्ग
'पथ' का अर्थ मार्ग है: “उस पथ पर देना तुम फेंक”, अर्थात् वह रास्ता जिस पर वीर जाते हैं।
अन्य विकल्प — जीवन, जंगल और मनुष्य 'पथ' के अर्थ नहीं हैं।