Target Exam

CUET

Subject

Hindi

Chapter

Comprehension - (Narrative / Factual)

Question:

गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिये -

दक्षिण भारत में पहली शताब्दी के बाद अनेक शताब्दियों तक सत्ता पराक्रमी शासकों के हाथों में रही। परवर्ती चोल साम्राज्य के शासकों के पहले ही करिकाल (चोलवंशी) ने कावेरी के जल को नियंत्रित करके सिंचाई की बेहतर व्यवस्था की। श्रीलंका के युद्धबंदियों से कावेरी के मुहाने पर पुहार का बंदरगाह तैयार करवाया। उसके राज्य में व्यापार-उद्योग की अभूतपूर्व उन्नति हुई। पल्लव शासक नरसिंह वर्मन ने स्थापत्य को अभूतपूर्व बढ़ावा दिया। उसने कांची का राजसिंहेश्वर मंदिर बनवाया। उनके राज्य में शिल्पियों का सम्मान बहुत बढ़ा । बुनकरों को दक्षिण में वैश्यों व्यापारियों जैसा सम्मान मिला। उत्तर भारत में शिल्पियों और किसानों की आर्थिक बेहतरी के काफी पहले दक्षिण भारत के शिल्पियों और किसानों की आर्थिक स्थिति बेहतर हो गई थी। भक्ति के आद्य आचार्य रामानुज कांचीपुरम के ही थे। उनके एक गुरु कांचीपूर्ण शूद्र थे। आलवार दक्षिण के प्रारम्भिक भक्त कवि थे। उनमें से अनेक अवर्ण थे। एक महिला भक्त अंडाल थीं, जिन्हें दक्षिण की मीरा कहा जाना चाहिए।

गद्यांश के अनुसार किसे दक्षिण की मीरा कहा जाना चाहिए?

Options:

सहजोबाई

ललद्यद

अंडाल

अक्क महादेवी

Correct Answer:

अंडाल

Explanation:

सही उत्तर विकल्प (3) है → अंडाल