नीचे दिए गए पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर प्रश्न का सही उत्तर चुनिए।
आज हैं केसर रंग रँगे वन,
रंजित शाम भी फागुन की खिली पीली कली सी,
केसर के वसनों में छिपा तन,
सोने की छाँह-सा,
बोलती आँखों में
पहिले वसन्त के फूल का रंग है।
गोरे कपोलों पे हौले से आ जाती,
पहिले ही पहिले के,
रंगीन चुंबन की सी ललाई।
आज हैं केसर रंग रँगे-
गृह, द्वार, नगर, वन,
जिनके विभिन्न रंगों में है रँग गई
पूनो की चंदन चाँदनी।
जीवन में फिर लौटी मिठास है,
गीत की आखिरी मीठी लकीर सी,
प्यार भी डूबेगा गोरी सी बाँहों में,
ओंठों में, आँखों में,
फूलों में डूबे ज्यों-
फूल की रेशमी-रेशमी छाँहें।
'पूनो की चंदन चाँदनी, जीवन में फिर लौटी मिठास है' — प्रस्तुत पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
Answer & explanation
Correct answer: option 3
सही उत्तर विकल्प (3) है → अनुप्रास
“पूनो की चंदन चाँदनी” में 'च' वर्ण की आवृत्ति है, इसलिए अनुप्रास अलंकार है।
अन्य विकल्प गलत क्यों हैं?
विकल्प 1: यमक — कोई शब्द भिन्न अर्थ में दोबारा नहीं आया।
विकल्प 2: श्लेष — किसी एक शब्द के अनेक अर्थ नहीं लिए गए।
विकल्प 4: उपमा — पंक्ति में 'सा, सम, जैसा' जैसा कोई वाचक शब्द नहीं है।