निम्नलिखित गद्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्न के लिए सही विकल्प चुन कर लिखिए
देहदान शब्द सुनते या पढ़ते ही सबसे पहला विचार जो दिमाग में आता है वह मृत्यु अवश्यंभावी है | आज नहीं तो कल कोई पहले तो कोई बाद में मृत्यु को प्राप्त करता है | मृत्यु के नाम से ही मन में भय का संचार होने लगता है | मानव शरीरधारी भगवान राम और कृष्ण को भी समय आने पर यह शरीर त्यागना पड़ा था | जो जन्म के साथ ही निर्धारित है उससे भय कैसा उससे बचने का कोई उपाय नहीं है चाहे कोई कितना ही बलवान धनवान या तपस्वी हो इस से बच नहीं पाया | सारे संसार के पुराने इतिहास इस बात के गवाह है |प्राचीन या वर्तमान विज्ञान कितना ही उन्नत हो गया हो लकिन मृत्यु पर विजय हासिल करना एक सपना ही है | फिर इस क्षणभंगुर और अंत में राख़ के ढेर में बदलने वाले शरीर या उसके अंगों को किसी जरूरतमंद के लिए समर्पित क्र देने में क्या हर्ज़ है और फिर इसे पाने के लिए आपने स्वयं कोई प्रयास नहीं किया है या धन भी खर्च नहीं किया|
देहदान से क्या अभिप्राय है ?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
The correct answer is Option 1: जरूरतमंद को देहदान करना
देहदान का अर्थ है – मृत्यु के बाद अपने शरीर को मेडिकल रिसर्च, शिक्षा या जरूरतमंदों के लाभ के लिए दान करना। यह शरीरदान आमतौर पर मेडिकल कॉलेजों या अस्पतालों को किया जाता है ताकि वह उसे शिक्षा, अनुसंधान या अंग प्रत्यारोपण के लिए उपयोग कर सकें।
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यह स्वेच्छा से किया गया दान होता है।
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इसका उद्देश्य मानवता की सेवा और चिकित्सा क्षेत्र में योगदान होता है।
Option 4: “अंग दान कर देना” – यह अंगदान (organ donation) कहलाता है, न कि देहदान।