निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ कर प्रश्न का उत्तर दीजिए:-
मनु बहन ने पूरे दिन की डायरी लिखी, लेकिन एक जगह लिख दिया,"सफाई वगैरह की|"
गांधीजी प्रतिदिन डायरी पढ़कर हस्ताक्षर करते थे| आज की डायरी पर हस्ताक्षर करते हुए
गांधीजी ने लिखा,"कातने की गति का हिसाब लिखा जाए, मन में आए हुए विचार लिखे जाएं,
जो-जो पढ़ा,उसकी टिप्पणी लिखी जाए,'वगैरह' शब्द के लिए कोई स्थान नहीं है|
जिसने पढ़ा हो,वह लिखा जाए|ऐसा करने से पढ़ा हुआ कितना पच गया है, यह मालूम हो
जाएगा| जो बातें हुई हो वें लिखी जाएं| मनु ने अपनी गलती का एहसास किया और डायरी विधा
की पवित्रता को समझा |
गांधीजी ने पुनः मनु से कहा -"डायरी लिखना आसान कार्य नहीं है| यह इबादत करने जैसी विधा
है| हमें शुद्ध व सच्चे रूप से प्रत्येक छोटी-बड़ी घटना को निष्पक्ष रूप से लिखना चाहिए चाहे कोई
बात हमारे विरुद्ध ही क्यों न जा रही हो| इससे हममें सच्चाई स्वीकार करने की शक्ति प्राप्त होगी|
गांधीजी ने डायरी लिखने को इबादत करने-जैसा क्यों कहा है?
Answer & explanation
Correct answer: option 1
गद्यांश के आधार पर, गांधीजी ने डायरी लिखने को इबादत करने-जैसा कहा है क्योंकि दोनों में सच्चाई और ईमानदारी चाहिए। गांधीजी का मानना था कि डायरी लेखन एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसमें व्यक्ति को अपने कार्य और विचारों को ईमानदारी से लिखना चाहिए। डायरी लेखन से व्यक्ति अपने बारे में बेहतर समझ सकता है। वह यह समझ सकता है कि वह कौन है, वह क्या सोचता है, वह कैसा महसूस करता है। डायरी लेखन से व्यक्ति अपनी गलतियों को पहचानने और उनसे सीखने में भी मदद मिलती है।