निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़ कर प्रश्न का उत्तर दीजिए:- |
गांधीजी ने डायरी लिखने को इबादत करने-जैसा क्यों कहा है? |
दोनों में सच्चाई और ईमानदारी चाहिए| दोनों में समय लगता है| दोनों कार्य हमारे कर्तव्यों में शामिल है| दोनों कार्य रोज़ किये जाते है| |
दोनों में सच्चाई और ईमानदारी चाहिए| |
गद्यांश के आधार पर, गांधीजी ने डायरी लिखने को इबादत करने-जैसा कहा है क्योंकि दोनों में सच्चाई और ईमानदारी चाहिए। गांधीजी का मानना था कि डायरी लेखन एक महत्वपूर्ण कार्य है। इसमें व्यक्ति को अपने कार्य और विचारों को ईमानदारी से लिखना चाहिए। डायरी लेखन से व्यक्ति अपने बारे में बेहतर समझ सकता है। वह यह समझ सकता है कि वह कौन है, वह क्या सोचता है, वह कैसा महसूस करता है। डायरी लेखन से व्यक्ति अपनी गलतियों को पहचानने और उनसे सीखने में भी मदद मिलती है। |