दिए गए पद्यांश को पढ़कर संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए- रानी बढ़ी कालपी आई कर सौ मील निरन्तर पार, घोड़ा थक कर गिरा भूमि पर गया स्वर्ग तत्काल सिधार, यमुना-तट पर अंग्रेजों ने फिर खायी रानी से हार, विजयी रानी आगे चल दी, किया ग्वालियर पर अधिकार, अंग्रेजों के मित्र सिंधिया ने छोड़ी रजधानी थी। बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी। खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।। विजय मिली, पर अंग्रेजों की सेना फिर घिर आयी थी, अबके जनरल स्मिथ सन्मुख था, उसने मुहँ की खायी थी, काना और मुन्दरा सखियाँ रानी के संग आयी थीं, युद्ध क्षेत्र में रोज़ आ गया, हाय! घिरी अब रानी थी। बुंदेले हरबोलों के मुँह हमने सुनी कहानी थी। खूब लड़ी मर्दानी वह तो झाँसी वाली रानी थी।। |
इन पंक्तियों में 'मर्दानी' शब्द किसके लिए प्रयोग हुआ है? |
काना के लिए झाँसी की रानी के लिए मन्दरा के लिए अंग्रेजों के लिए |
झाँसी की रानी के लिए |
सही उत्तर विकल्प (2) है → झाँसी की रानी के लिए |