निम्नलिखित गद्यांश के आधार पर प्रश्नों के उत्तर दीजिये। भाई,जब तुम जानते हो कि जो टूट गया, वह जुड़ता नहीं, तो तुझको यह भी मालूम होगा कि तुम जिन निर्दोष व्यक्तियों को मार डालते हो वे जीवित नहीं हो सकते। जब मरने वाले को तुम जिन्दा नहीं कर सकते तो उन्हें मारते ही क्यों हो? इससे तुमको क्या मिलता है? इस तरह लोगों में दहशत क्यों फैलाते हो? बच्चों को अनाथ क्यों बनाते हो? स्त्रियों को विधवा क्यों बनाते हो? माता-पिता को पुत्रहीन क्यों बनाते हो ? ये मारकाट, ये आतंक सब समाज को तोड़ना ही तो है? जब इस तरह समाज बनेगा तो दुनिया में कहाँ शांति स्थापित हो पायेगी? यह मानवता के लिए ठीक नहीं हैं। यह धरा पर जीवन का संकट नहीं, तो और क्या है? हमें मिलकर इसे रोकना होगा। |
लेखक उपर्युक्त गद्यांश में धरा पर किसे रोकने की बात कर रहा है? |
आतंक अन्याय अहिंसा अपराध |
आतंक |
सही उत्तर विकल्प (1) है → आतंक |