निम्नलिखित पद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर संबंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-
सहसा भूली याद तुम्हारी उर में आग लगा जाती है
विरहातप भी मधुर-मिलन के सोये मेघ जगा जाती है,
मुझको आग और पानी में रहने का अभ्यास बहुत है।
जानें क्यों तुमसे मिलने की आशा कम, विश्वास बहुत है।
धन्य-धन्य मेरी लघुता को, जिसने तुम्हें महान बनाया,
धन्य तुम्हारी स्नेह-कृपणता जिसने मुझे उदार बनाया,
मेरी अंध भक्ति को केवल इतना मंद प्रकाश बहुत है।
जानें क्यों तुमसे मिलने की आशा कम, विश्वास बहुत है।
अगणित शलभों के दल के दल एक ज्योति पर जल कर मरते,
एक बूँद की अभिलाषा में कोटि-कोटि चातक तप करते,
शशि के पास सुधा थोड़ी है पर चकोर की प्यास बहुत है।
जानें क्यों तुमसे मिलने की आशा कम, विश्वास बहुत है।
कवि को किसने उदार बनाया है?
Answer & explanation
Correct answer: option 2
सही उत्तर विकल्प (2) है → स्नेह-कृपणता