Target Exam

CUET

Subject

Hindi

Chapter

Comprehension - (Narrative / Factual)

Question:

निम्नलिखित गद्यांश को ध्यानपूर्वक पढ़कर उससे सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर दीजिए-

यह संसार कर्म भूमि है। प्रकृति भी कर्म करती चल रही है। कोई प्राणी ऐसा नहीं है जो कर्म न करता हो। आहार की तलाश करते फिरना, जुटाना और उससे पेट पालना, सोना- जागना, चलना-फिरना, भय उपस्थित होने पर साथियों को सावधान करना, अपनी संतान बढ़ाना और उसका पालन-पोषण करना आदि अनके कर्म हैं जो विश्वभर के जीव करते हैं। उनमें भी मनुष्य के लिए कर्म का विधान और प्रसार सबसे अधिक है। कर्म के बिना व्यक्ति, समाज या देश का गठन ही नष्ट हो जाएगा। कर्म से ही मनुष्य ने प्रकृति पर विजय पाई है। मानव जीवन को सफल बनाने के लिए तीन साधनों का उल्लेख हमारे शास्त्रों में बताया गया है- ज्ञान, भक्ति और कर्म। अन्य प्राणियों से भक्ति नहीं हो सकती। ज्ञान भी उनका सीमित है, जो उनकी नियत आवश्यकताओं को पूरा करने के काम आता है। युग-युग से उनका वह ज्ञान उतने का उतना है, उसमें कोई वृद्धि नही हुई। मनुष्य का ज्ञान है तो विशाल, पर उसकी भी सीमा है। बिना कर्म के ज्ञान बेकार है। ज्ञान वही व्यावहारिक है जो कर्म को आगे बढ़ाने में सहायक हो। कर्म की ही प्रधानता है। गीता में भी कर्म की महिमा और कर्मफल का व्याख्यान है। अच्छे कर्मों का अच्छा फल, बुरे कर्मों का बुरा फल मिलता ही है। कोई अमीर है, कोई गरीब, कोई सुखी है कोई दुःखी, सबके अपने-अपने कर्मों का फल है। जो जैसा करेगा वैसा भरेगा। इस सिद्धांत से सत्कर्म करने की प्रेरणा मिलती है।

मानव जीवन को सफल बनाने के लिए इनमें से किस साधन का उल्लेख शास्त्रों में नहीं किया गया है?

Options:

ज्ञान

योग

भक्ति

कर्म

Correct Answer:

योग

Explanation:

सही उत्तर विकल्प (2) है → योग